नई दिल्ली।
राजधानी दिल्ली में बढ़ती जल संकट की समस्या को लेकर नई दिल्ली जिला महिला कांग्रेस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं ने खाली मटके लेकर मटका फोड़ प्रदर्शन किया और सरकार से पानी की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व नई दिल्ली जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष नीतू सहरावत ने किया, जबकि कार्यक्रम में दिल्ली प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पा सिंह भी मौजूद रहीं।
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं का कहना था कि दिल्ली के कई इलाकों में लोग पानी की भारी किल्लत का सामना कर रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच पानी की कमी ने आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। महिलाओं ने आरोप लगाया कि कई क्षेत्रों में नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है, जिसके कारण लोगों को घंटों पानी का इंतजार करना पड़ता है। कई परिवार पानी के टैंकरों पर निर्भर हैं, जबकि कुछ जगहों पर लोगों को दूर-दूर से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने खाली मटके फोड़कर अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि खाली मटके सिर्फ बर्तन नहीं, बल्कि उन परिवारों की परेशानी का प्रतीक हैं जो हर दिन पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए सरकार से मांग की कि दिल्ली के सभी इलाकों में पर्याप्त और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए।
नई दिल्ली जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष नीतू सहरावत ने कहा कि राजधानी की महिलाओं को पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि जब लोग पीने के पानी के लिए परेशान हों, तब सरकार को अपनी प्राथमिकताओं पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि जल संकट से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत पहुंचाई जाए और पानी की आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
दिल्ली प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पा सिंह ने भी प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि पानी हर नागरिक का मूल अधिकार है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों पर जल संकट का सबसे अधिक असर पड़ता है, क्योंकि घर की जिम्मेदारियों का बड़ा हिस्सा महिलाओं के कंधों पर होता है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि जल संकट को गंभीरता से लेते हुए ठोस और दीर्घकालिक समाधान लागू किए जाएं।
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने कहा कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उनका कहना था कि जनता को सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर समाधान चाहिए।
दिल्ली में हर वर्ष गर्मियों के दौरान जल संकट की समस्या चर्चा का विषय बनती है। ऐसे में महिला कांग्रेस द्वारा किया गया यह प्रदर्शन राजधानी में पानी की उपलब्धता और जल प्रबंधन को लेकर एक बार फिर बहस का मुद्दा बन गया है। अब देखना होगा कि सरकार और संबंधित विभाग इस मुद्दे पर क्या कदम उठाते हैं और लोगों को राहत कब तक मिलती है।
